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नक्सलियों के सरेंडर से बड़ा खुलासा:सिलगेर आंदोलन में शामिल होने हार्डकोर नक्सली देवा और जयलाल ग्रामीणों पर बना रहे दबाव

बस्तर/दंतेवाड़ा
  • सिलगेर में आंदोलन अब भी जारी है। ग्रामीण बीएसएफ के कैंप खुलने का विरोध कर रहे हैं।

बस्तर में सिलगेर आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक ग्रामीणों की भीड़ कैंप के विरोध में सिलगेर में डटी हुई है। इस आंदोलन के पीछे नक्सलियों का बड़ा हाथ है। सिलगेर में आंदोलन जारी रखने माओवादी लगातर ग्रामीणों पर दबाव बना रहे हैं। कैंप का विरोध करने, सिलगेर जाने के लिए माओवादी लीडर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। यदि ग्रामीण सिलगेर जाने से मना करते हैं तो नक्सलियों द्वारा 500 रुपए का जुर्माना लेकर ग्रामीणों पर सख्ती बरती जाती है। इसका खुलासा तब हुआ जब दंतेवाड़ा पुलिस के सामने सोमवार को 4 नक्सलियों ने सरेंडर किया, और पुलिस को इसकी जानकारी दी।

लोन वर्राटू अभियान के तहत किया सरेंडर

दंतेवाड़ा पुलिस के द्वारा जिले में लोन वर्राटू अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से प्रभावित हो कर किरंदुल थाना में एसपी डॉ अभिषेक पल्लव के सामने सोमवार को 1 इनामी सहित कुल 4 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मिलिशिया कमांडर बोटी उर्फ भीमा वट्टी पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित है। वहीं मिलिशिया डिप्टी कमांडर धुरवा कुंजाम, जन मिलिशिया सदस्य बुधराम और सोमडु तामो ने भी पुलिस के सामने अपने हथियार डाले हैं। ये सभी माओवादी नक्सलियों की दरभा डिवीजन के मलांगिर एरिया कमेटी में पिछले कई वर्षों से सक्रिय थे। और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं।

चार नक्सलियों ने सोमवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया तब पूरे मामला का खुलासा हुआ है।
चार नक्सलियों ने सोमवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया तब पूरे मामला का खुलासा हुआ है।

सिलगेर जाने नक्सली देवा और जयलाल ग्रामीणों को कर रहे प्रताड़ित

सरेंडर के बाद माओवादियों ने बताया है कि, इलाके में सक्रिय हार्डकोर नक्सली लीडर देवा और जयलाल ग्रामीणों को सिलगेर आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। नक्सली देवा पर 10 लाख रुपए और जयलाल पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है। ग्रामीण सिलगेर नहीं जाना चाहते, लेकिन आंदोलन में शामिल होने के लिए लगातार नक्सली दबाव बना रहे हैं। यदि ग्रामीण सिलेगर जाने से मना करते हैं, तो नक्सलियों द्वारा उनपर 500 रुपए का अर्थदंड लगा कर प्रताड़ित किया जाता है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले की सरहदी इलाके के ग्रामीण काफी परेशान हैं, क्योंकि नक्सली जयलाल और देवा सिलगेर आंदोलन में शामिल होने सबसे ज्यादा ग्रामीणों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

सरेंडर करने वाली नक्सली बुधराम ने बताया कि नक्सली हमें सिलगेर जाने कह रह थे, लेकिन वहां कोरोना फैल गया है। इसलिए हमने सरेंडर करने का फैसला लिया।
सरेंडर करने वाली नक्सली बुधराम ने बताया कि नक्सली हमें सिलगेर जाने कह रह थे, लेकिन वहां कोरोना फैल गया है। इसलिए हमने सरेंडर करने का फैसला लिया।

सिलगेर जाएं तो कोरोना मार देगा, नहीं जाएं तो नक्सली

सरेंडर नक्सलियों ने एक और खुलासा किया है, सिलगेर आंदोलन में जिन ग्रामीणों की भीड़ नजर आ रही है, उस भीड़ के बीच कई छोटे कैडर के नक्सली भी शामिल हैं। सरेंडर मओवादियों ने कहा कि नक्सली लीडर हमें भी सिलगेर जाने कह रहे थे। लेकिन वहां अब कोरोना भी बहुत फैल रहा है। कई लोग कोरोना से संक्रमित हैं। यदि हम लोग सिलगेर जाएंगे तो हम भी कोरोना से संक्रमित हो जाएंगे। यदि लीडरों को जाने से मना करते तो वो हमें मार देते। मरने से अच्छा हमने सरेंडर करना ज्यादा सही समझा,और दंतेवाड़ा पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।

सिलगेर आंदोलन में अब तक कुल 4 लोगों की हो चुकी है मौत

सुकमा व बीजापुर जिले की सरहद पर स्थित सिलगेर पूरी तरह से मओवादियों का गढ़ है। हाल ही में यहां नया पुलिस कैम्प खुला है। कैम्प खुलने के बाद से ही ग्रामीण लगातार कैम्प का विरोध कर रहे हैं। आंदोलनरत ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला भी सामने आया था। जिसमें 3 लोगों की मौत भी हुई थी। वहीं भगदड़ में एक गर्भवती महिला ने भी दम तोड़ दिया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने अपना बयान जारी करते हुए बताया था कि नक्सलियों ने कैम्प पर हमला किया था। जवाबी कार्रवाई में 3 नक्सलियों की मौत हुई है। वहीं जिन लोगों की मौत हुई है, ग्रामीण उन्हें ग्रामीण बता रहे हैं।इस आन्दोलन में अब तक कुल 4 लोगों की मौत हो चुकी है।

दंतेवाड़ा एसपी बोले, अर्थदंड के नाम पर नक्सली कर रहे वसूली

दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि, मओवादियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर 4 माओवादियों ने लोन वर्राटू अभियान के तहत सरेंडर किया है। इस अभियान से प्रभावित हो कर अब तक 96 इनामी सहित कुल 363 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। सरेंडर नक्सलियों ने खुलासा किया है कि नक्सली लीडर लगातार ग्रामीणों को और अपने ही नक्सली साथियों को सिलगेर जाने के लिए परेशान कर रहे हैं। सिलगेर नक्सलियों का हृदय स्थल है, यहां पुलिस कैम्प खुलने से माओवादी अब बौखला गए हैं। आंदोलन में शामिल होने ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। साथ ही जुर्माना के नाम से नक्सली अब वसूली भी चालू कर दिए है।

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