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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला का निधन; एक दिन में सबसे ज्यादा 227 की गई जानें

रायपुर
अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी व पूर्व सांसद कुरुणा शुक्ला।

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के कहर ने सोमवार को 227 लोगों की मौत हो गई। यह अब तक का एक दिन में मरने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की और पूर्व सांसद भतीजी करुणा शुक्ला भी शामिल हैं। उनका 14 अप्रैल से रामकृष्ण केयर अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां देर रात उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बलौदाबाजार में होगा। राज्यपाल अनुसुइया उइके, सीएम भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में उनके निधन को निजी क्षति बताया और कहा कि निष्ठुर कोरोना ने मुझसे मेरी चाची को छीन लिया दी है। करुणा शुक्ला के पिता अवध बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के बड़े भाई थे। वे 2014 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। वे 1993 में पहली बार विधायक बनीं। 2004 में भाजपा के टिकट पर जांजगीर से सांसद बनी थीं। पिछले विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं।

प्रदेश के 5 जिलो में 42 फीसदी एक्टिव मरीज

इस बीच प्रदेश के 5 जिलों में 42 फीसदी एक्टिव मरीज हैं। ये जिले रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, बिलासपुर व रायगढ़ हैं। इन्हीं 5 जिलों में प्रदेश में हुई मौतों में 64 फीसदी जानें भी गई हैं। लगातार बढ़ रहे संक्रमण के कारण पहली बार बलौदाबाजार जिला एक्टिव मरीजों की सूची में प्रदेश में तीसरे स्थान पर आ गया है, जबकि कुल मरीजों के मामले में 8वें नंबर पर है। जहां तक प्रदेश का सवाल है, सोमवार को 15084 नए मरीज मिले हैं, जिनमें 1394 राजधानी के हैं। 226 मौतें हुई हैं, जिनमें 70 रायपुर की हैं। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलाॅजी विभाग के एचओडी डॉ. डीजे मजूमदार की कोरोना से मौत हो गई।

प्रदेश में कोरोना मरीजों की वृद्धि दर 2.6 फीसदी है, जबकि रिकवरी रेट गिरकर 80 फीसदी पर आ गया है।15 मार्च के आसपास रिकवरी रेट 97 फीसदी से ज्यादा था। दूसरी लहर में सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज वाले टॉप 5 जिलों में रायपुर समेत इसके आसपास वाले 3 जिले शामिल हैं। मार्च के आखिरी सप्ताह में दुर्ग में 8 दिनों तक रायपुर से ज्यादा मरीज मिले।

इसके बाद रायपुर फिर टॉप पर पहुंच गया है। सबसे ज्यादा मौत भी रायपुर में हो रही है। कुल मौत की 28.29 फीसदी अकेले रायपुर में हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह सबसे ज्यादा मरीज व एक्टिव केस का होना है। विशेषज्ञों के अनुसार घनी आबादी भी ज्यादा संक्रमण का प्रमुख कारण है। रायपुर में इस माह 20 अप्रैल को सर्वाधिक 77 मौतें तथा 17 अप्रैल को 73 मरीजों की मौत हुई थी।

इसके बाद से मौतों की संख्या में बहुत धीरे-धीरे कमी हो रही है। इसके विपरीत पिछले 15 दिनों से ग्रामीण जिलों में मरीजों की संख्या अच्छी-खासी बढ़ी है और मौतें भी लगातार हो रही हैं। इस बीच राहत की खबर है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी आ रही है। माना जा रहा है कि प्रदेशभर में जारी सख्त लॉकडाउन के कारण ऐसा संभव हुआ है। फिलहाल ज्यादातर जिलों में छह मई को सुबह छह बजे तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

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